मैं 27 वर्षीया विवाहिता हूं। शादी से पहले एक लडके से प्रेम करती थी, लेकिन उसने अपने माता-पिता के दबाव में आकर दूसरी जगह शादी कर ली। इस घटना के बाद मैं भी उसे भूल गई और मेरी भी शादी हो गई। मेरी शादी के दो वर्ष के बाद एक रोज वह अचानक मुझे किसी रिश्तेदार के घर पर मिला और मुझसे माफी मांगते हुए कहने लगा कि वह अपनी शादी से बिलकुल खुश नहीं है। इसलिए अपनी पत्नी से तलाक लेना चाहता है। मुझसे कह रहा है कि मैं भी तलाक लेकर उससे शादी कर लूं। न चाहते हुए भी मेरा मन उसकी ओर आकर्षित हो रहा है। ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?
ए. के., जयपुर
आप जिस लडके से प्यार करती थीं, वह आपको भूल कर दूसरी जगह शादी कर चुका है। ऐसे धोखेबाज इंसान की बातों में आकर आप अपना जीवन बर्बाद करने पर क्यों तुली हैं? इस बात का क्या भरोसा कि आज जो इंसान आपके लिए अपनी पत्नी को छोडने को तैयार है, भविष्य में वह किसी दूसरी के लिए आपको न छोड दे। शादी के बाद तो ऐसी बातें भूल जाने में ही भलाई है। आप पुरानी बातें भूलकर अपने दांपत्य जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचें।
मैं 56 वर्षीया गृहिणी हूं। मेरी बेटी की शादी को अभी छह माह ही हुए हैं। वह एक अच्छी कंपनी में जॉब करती है। दामाद की नौकरी भी अच्छी है। लेकिन उसकी सास उसके साथ बेहद सख्ती भरा व्यवहार करती हैं। नौकरी करने के बावजूद घर का सारा काम उसे अकेले करना पडता है। सास उसे हर बात पर रोकती-टोकती रहती है। इस वजह से वह बहुत दुखी रहती है। मैं उसे समझाने की पूरी कोशिश करती हूं। समझ में नहीं आता कि क्या करूं?
आर. सी., गुडगांव
सच तो यह है कि आपकी बेटी की शादी के बाद उसकी शादीशुदा जिंदगी में आपको किसी तरह की दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। घर-परिवार में ऐसी छोटी-मोटी बातें होती ही रहती हैं। अभी आपकी बेटी की शादी को ज्यादा समय भी नहीं हुआ है। ससुराल के नए माहौल के साथ एडजस्ट करने में उसे थोडा समय लग सकता है। अगर आप अपनी बेटी की मदद ही करना चाहती हैं तो घर के कामकाज में सहयोग के लिए किसी नौकरानी की व्यवस्था करवा दें। आप अपनी बेटी को समझाएं कि वह ऐसी मुश्किल परिस्थितियों से घबराए नहीं, बल्कि वहां के लोगों और माहौल को समझने की कोशिश करे। अगर उसे अपनी सास से कोई परेशानी है तो वह उनसे इस मुद्दे पर विनम्रतापूर्वक बात करे। लेकिन इस मामले में आपका बोलना उचित नहीं है। क्योंकि आपके बोलने से स्थितियां और भी बिगड सकती हैं। आप उसकी हर तरह से मदद करें, लेकिन आपके व्यवहार से कभी भी यह जाहिर नहीं होना चाहिए कि आप उसके परिवार के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर रही हैं।
मैं 31 वर्षीया विवाहिता हूं। मेरे पति अपने परिवार में सबसे बडे हैं। मेरी एक छोटी ननद और दो देवर हैं, जिनकी पढाई और शादी की जिम्मेदारी पहले से ही मेरे पति के ऊपर है। हमारी समस्या तब और अधिक बढ गई जब हमें मालूम हुआ कि हमारे ससुर जी की दूसरी पत्नी और दो बेटियां भी इसी शहर के दूसरे मुहल्ले में रहती हैं और मृत्यु से पहले ससुर जी ने उनकी देखभाल की जिम्मेदारी मेरे पति को सौंप दी थी। दो वर्ष पहले ससुर जी की मृत्यु हो गई। अब उनके दूसरे परिवार के खर्च और देखभाल की जिम्मेदारी भी मेरे पति पर आ गई है। इस बात को लेकर सास से लेकर देवर-ननद सभी मेरे पति का विरोध करते हैं। कभी-कभी मैं भी उन्हें ऐसा करने से मना करती हूं। लेकिन उनका कहना है कि मैं दो छोटी बहनों और एक बेसहारा स्त्री को अकेला कैसे छोड दूं? उस परिवार की वजह से मेरे अपने परिवार की सुख-शांति भंग हो गई है। समझ में नहीं आता कि क्या करूं?
आर.पी., मुंबई
कभी-कभी जरूरत से अधिक उदारता और सीधापन इंसान के लिए नुकसानदेह साबित होता है। एक साथ सभी को खुश रख पाना किसी भी इंसान के लिए संभव नहीं है। बहरहाल, आपके पति इस मुद्दे पर परिवार में सभी की राय जान लें। इस मामले में आपकी सास की सलाह काफी अहमियत रखती है। आपके पति को कोई भी ऐसा निर्णय नहीं लेना चाहिए, जिससे आपके परिवार का माहौल तनावपूर्ण हो। आप उन्हें समझाएं कि दूसरे परिवार के लिए वह अपने परिवार की खुशियां कुर्बान न करें।
मैं 27 वर्षीया विवाहिता हूं। मेरी शादी मेरी भाभी के भाई से हुई है। लिहाजा भाभी का मायका मेरी ससुराल है। मेरी शादी को दो साल हो चुके हैं और मैं अपनी ससुराल में अच्छी तरह सामंजस्य स्थापित करने की पूरी कोशिश कर रही हूं, लेकिन मेरी भाभी का स्वभाव कुछ ऐसा है कि वह मेरी मां के साथ बहुत बुरा सुलूक करती है और साथ ही मेरी सास को भी मेरे खिलाफ भडकाती रहती है। इस वजह से मेरी सास भी मुझे कोसती रहती हैं। मैं कभी भी उनकी बातों का जवाब नहीं देती, लेकिन समझ में नहीं आता कि यह सिलसिला कब तक चलता रहेगा? मेरे पारिवारिक जीवन में शांति कैसे कायम होगी आप ही कोई उपाय बताएं?
ए.पी., वाराणसी
आपकी समस्या वाकई बहुत जटिल है। क्योंकि यह परेशानी ऐसी है, जिससे दो परिवार आहत हो सकते हैं। आपके लिए यह बहुत जरूरी है कि आप भी अपने परिवार में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें। आपकी भाभी का व्यवहार ठीक नहीं होने की वजह से आप लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है। इस मामले में आपकी मां को अपने बेटे से खुलकर बात करनी चाहिए। आपके भाई को भाभी के बुरे व्यवहार के बारे में मालूम होना बहुत जरूरी है। अगर इसके बाद भी आपकी भाभी के व्यवहार में सुधार नहीं आता तो आप अपने भाई को समझाएं कि वह अपने अलग रहने की व्यवस्था कर लें। परिवार में शांति का माहौल बनाए रखने के लिए कई बार ऐसी कुर्बानियां देनी पडती हैं। दूसरी ओर आप अपने पति का दिल जीतने की पूरी कोशिश करें और उन्हें धीरे-धीरे प्यार से परिवार की स्थितियों के बारे में समझाएं। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपके पति को आपकी परेशानियों का एहसास होगा और वे उसे दूर करने की कोशिश करेंगे। |