समझे छोटी-छोटी बातें
धरती के सीने पर झुककर प्रणय निवेदन-सा करता नीला आकाश, चांद को अपने बाहुपाश में भरती चांदनी, सागर की गोद में समा जाने को आतुर नदियां, फूलों का चुंबन लेती तितलियां, कलियों के आंचल से अठखेलियां करती शोख हवाएं.. और
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दोस्ताना रिश्ता है हमारा : रमेश-किरण
फिल्मों के इतिहास में शोले का नाम आम दर्शक के लिए मील का पत्थर है। इसके निर्देशक रमेश सिप्पी ने लगभग 20 साल पूर्व दूरदर्शन के लिए धारावाहिक बुनियाद का निर्माण किया था। घर-घर देखे जाना वाला यह धारावाहिक रमेश जी के जीवन की भी बुनियाद बन गया। वीरांवाली यानी किरण जुनेजा से उनकी मुलाकात हुई। आगे चलकर यह दोस्ती सुखद वैवाहिक रिश्ते में
तब्दील हुई। प्रस्तुत है इस दंपती से उनके दांपत्य पर बेबाक बातचीत।
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