नहीं भूलता वह पल
बचपन के दिनों को याद करते हुए, मुझे ऐसा लगता है कि जैसे कल की ही बात हो। मैं बहुत बडे संयुक्त परिवार में पली-बढी हूं। मेरे माता-पिता काफी उदार और सहृदय थे। घर के कामकाज के लिए रखे गए

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने एक और कीर्तिमान बनाया है। बिग बॉस सीजन 3 में भाग लेने के लिए उन्हें प्रत्येक शो के हिसाब से 1.50 करोड़ रुपये में साइन किया गया है। बिग बॉस सीजन 3 में बच्चन साहब को 84 एपिसोड्स में भाग लेने के बदले 126 करोड़ रुपये मिलेंगे। गौरतलब है कि आज तक भारतीय टीवी उद्योग में किसी भी कलाकार को इतनी बड़ी कीमत पर साइन नहीं किया गया था। ये पहली बार है जब किसी कलाकार को टीवी में काम करने के बदले इतनी बड़ी रकम मिल रही है। बिग बी को मिल रहे इस मेहनताने के आसपास

इसमें संदेह नहीं कि आज बाजार से खरीदी जाने वाली कोई भी चीज असली है या नकली हम नहीं जानते। इस धोखे में कई बार हम मिलावटी सामान खरीद कर न केवल अपने पैसे, बल्कि सेहत का भी नुकसान कर लेते हैं। यदि चाहती हैं कि घर बैठे ही जरूरी चीजों में मिलावट की जांच कर सकें, तो लीजिए कुछ टिप्स।

अदालतें हाल के दिनों में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसले लेकर आ रही हैं, जो वास्तव में दूरगामी माने जाने चाहिए। ऐसे ही दो निर्णय अदालतों द्वारा कुछ समय पूर्व लिए गए। पहला फैसला एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट में कुछ नई बातें जोड़ता है तो दूसरा तलाक के बाद मुसलिम स्त्रियों के गुजारा-भत्ता संबंधी अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करता है। इन दोनों ही फैसलों के बारे में बता रही हैं सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश जैन।

मैं मुंबई एक्टर बनने आया। मेरे पास अच्छी कद-काठी, दमदार आवाज और थिएटर का अनुभव था। पर हालात सोच के विपरीत निकले। गुजरते समय के साथ मेरी निराशा और हताशा बढ रही थी। कभी-कभी वापस जाने का खयाल आता, लेकिन

अकसर मैं सोचती हूं कि बुढ़ापा इतना दुखमय क्यों होता है? हमने अपना सारा जीवन बच्चों की अच्छी परवरिश के संघर्ष में बिता दिया और इसी उम्मीद पर जीते रहे कि बच्चे हमारे बुढ़ापे का सहारा बनेंगे। लेकिन शादी होते ही हमारे दोनों बेटे बिलकुल बदल गए। आज हम अपने पुश्तैनी मकान में अकेले पड़े हुए हैं। दोनों बेटे अब अलग मकानों में रहते हैं। दोनों में से कोई भी हमारा हाल पूछने नहीं आता। पति सरकारी नौकरी में थे। उन्हें जो पेंशन मिलती है उससे हमारा किसी तरह गुजारा हो जाता है, लेकिन अकेलेपन से जी बहुत घबराता है। एक ही शहर
 
जागरण में अन्यत्र
समाचार
साहित्य
सिने मजा
 
ELSEWHERE ON YAHOO!
Spotlight
Columns
Movies
 
शीर्षकों को अपने "मेरा याहू " पृष्ट पर शामिल करें
विविधा Add to My Yahoo! xml